बड़ी खबरें: 5 मिनट में बड़ी खबरें, वूमेन टाइम्स न्यूज के साथ

2018-01-11 10:28:55.0

बड़ी खबरें: 5 मिनट में बड़ी खबरें, वूमेन टाइम्स न्यूज के साथ

न्यूज बुलेटिन[वूमेन टाइम्स न्यूज]

क्या सांसद, विधायक कर सकते हैं वकालत, 500 से ज़्यादा नेताओं को नोटिस
क्या कानून बनाने वाले नेता वकालत कर सकते हैं? जल्द ही इसका फैसला बार काउंसिल द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी करेगी। इसके तहत कमेटी ने ऐसे 500 से ज़्यादा एमपी, एमएलए और एमलसी को नोटिस भेजा है। इसको लेकर कल अखबारों में भी नोटिस प्रकाशित किया जाएगा। नेताओं को इसका जवाब एक हफ्ते के अंदर देना होगा। नोटिस को लेकर आखिरी सुनवाई 22 जनवरी को होगी। एक्सपर्ट कमेटी के चेयरमैन और वकील मनन कुमार मिश्रा ने न्यूज़18 से बातचीत में कहा कि इन नेताओं को इसलिए नोटिस भेजा जाएगा ताकि अगर बार काउंसिल ऑफ इंडिया इनकी मान्यता रद्द करता है तो बाद में वो ये ना कह सके कि न्यायिक व्यवस्था का उल्लंघन किया गया है। कमेटी के मुताबिक नेताओं का वकालत करना कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट का मामला है। कमेटी के मुताबिक सांसद और विधायक का वकालत करना भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 और 15 का उल्लंघन है। पिछले महीने 21 दिसंबर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था।
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2017 में भारतीय सेना ने मार गिराए 138 पाक सैनिक
भारतीय थल सेना ने जम्मू कश्मीर में पिछले साल रणनीतिक अभियानों के तहत और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सीमा पार से होने वाली गोलीबारी का जवाब देते हुए 138 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। सरकारी खुफिया सूत्रों ने आज ये जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि भारतीय थल सेना ने इसी अवधि में नियंत्रण रेखा पर अपने 28 सैनिकों को भी खोया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना आमतौर पर अपने सैनिकों के मारे जाने की बात कबूल नहीं करती और कई मामलों में उन्हें हताहत नागरिकों के तौर पर पेश करती है। भारतीय सेना ने पिछले एक साल में जम्मू कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन और आतंकी हरकतों से निपटने लिए एक सख्त रुख अख्तियार किया है। खुफिया सूत्रों ने बताया कि इसके साथ ही पाकिस्तान के 155 सैन्यकर्मी घायल हुए। सीमा पार से गोलीबारी और अन्य घटनाओं में कुल 70 भारतीय सैन्यकर्मी घायल हुए।
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रैन बसेरों के लिए आधार पर SC- जिनके पास आधार नहीं उनका क्‍या


सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आधार कार्ड के मसले पर केंद्र और राज्‍य सरकारों को घेरा। कोर्ट ने पूछा कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है क्‍या वे सरकार के लिए अस्तित्‍व नहीं रखते। जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्‍यक्षता वाली बैंच ने यह टिप्‍पणी की। न्यूज 18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक बैंच को बताया गया था कि रैन बसेरों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड मांगा गया है। कोर्ट में उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि रैन बसेरों में रात गुजारने के लिए लोगों को पहचान पत्र तो रखना होगा और सामान्‍य तौर पर उन्‍हें आधार कार्ड दिखाने को कहा जाता है। इस पर कोर्ट ने मुख्‍य सचिव और एडिशिनल सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा, 'उनका क्‍या जिनके पास आधार नहीं, क्‍या वे भारत सरकार के लिए मायने नहीं रखते।' तुषार मेहता ने सफाई दी कि वह यूआईएडीआई की ओर से पेश नहीं हुए हैं।
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CBSE बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट जारी, 5 मार्च से होंगी परीक्षाएं*
केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी हैं, यह 5 फरवरी से होंगी। सीबीएसई की 10वीं की परीक्षायें चार अप्रैल को समाप्त होंगी। इसमें 16,38,552 छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। इसी प्रकार सीबीएसई की 12वीं की परीक्षायें 12 अप्रैल को समाप्त होंगी, जिसमें 11,86,144 छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। दसवीं कक्षा की पहली परीक्षा सूचना एवं संचार तकनीक की होगी, जबकि 12वीं कक्षा के लिये पहली परीक्षा अंग्रेजी विषय की होगी। सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय अपनी प्रयोगात्मक परीक्षा जनवरी के मध्य से कराएंगे, जो 31 जनवरी तक पूरी हो जाएंगी। सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डेटशीट निकाल सकते हैं, इसके लिए www.cbse.nic.in जाएं।
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सहारा के रेतीले मैदान में बिछी बर्फ की चादर


सहारा रेगिस्तान में इन दिनों कुछ ऐसा नजारा देखने को मिल रहा हे जिसे शायद ही आपने कभी देखा होगा। अल्‍जीरिया के ऐन सेफरा टाउन में इस बार 16 इंच तक की बर्फबारी हुई है। पिछले 37 साल में यह तीसरा मौका है जब इस टाउन में बर्फबारी का नजारा देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि टाउन में एक से दो इंच की बर्फबारी हुई, जबकि टाउन के बाहर 16 इंच तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। बता दें कि सहारा में बर्फबारी बहुत कम देखने को मिलती है। यहां पर गर्मी के समय तापमान अक्‍सर 38 से 40 डिग्री सेल्‍सियस के आसपास रिकॉर्ड किया जाता है। हालांकि इस समय यहां आने वालों को कंबल की जरूरत महसूस हो रही है। अल्‍जीरियाई मौसम विभाग के मुताबिक सहारा में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण यूरोप में हाईप्रेशर के कारण दक्षिणी और उत्‍तरी अफ्रीका में बर्फीली हवाओं का चलना है।
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