मेरी कलम से🖊 यह शब्द उसके लिए है जो है सबसे खास रिश्ते तो बहुत हैं मां सिर्फ एक है मदर्स डे पर संदेश हर युवा पीढ़ी के नाम

2018-05-12 17:27:02.0

मेरी कलम से🖊 यह शब्द उसके लिए है जो है सबसे खास रिश्ते तो बहुत हैं मां सिर्फ एक है मदर्स डे पर संदेश हर युवा पीढ़ी के नाम

अंजुम कादरी
सितारगंज उधम सिंह नगर
उत्तराखंड
प्रदेश प्रभारी वूमेन टाइम्स न्यूज



मां एक भीने भीने रिश्ते का प्रतीक है मदर्स डे पर हर बच्चे की यह अहम जिम्मेदारी है कि वह मां के प्रति अपने प्यार का अपने सम्मान का और अपनी छलछलआती अनुभूतियों का इजहार करें जैसा कि आज मैं अपनी मां के बारे में कर रही हूं

अभी जिंदा है मां मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा,,
मैं घर से जब निकलती हूं दुआ भी साथ चलती है,,

मां मुझे देख कर नाराज ना हो जाए कहीं ,,
सर पर आंचल नहीं होता है तो डर होता है ,,

दूर रहती है सदा उन से बनाए अक्सर ,,
अपने मां-बाप की जो रोज दुआ लेते हैं,,

जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि हर साल की तरह इस साल भी मई के महीने के दूसरे रविवार में 1 दिन ऐसा भी आता है जो हम अपनी मां के नाम से मनाते हैं इस दिन को मातृ दिवस कहते हैं मुझे अफसोस है कि हम सब लोग अपनी संस्कृति को भूल चुके हैं अपने बड़ों का आदर सम्मान सब खो चुके हैं अपनी मां को वृद्धाश्रम छोड़ आते हैं और भी बहुत सारे अत्याचार हम अपनी मां पर करते हैं जबकि हम सब जानते हैं मां क्या है मैं अपनी मां से बहुत प्यार करती हूं क्योंकि मैं जानती हूं कि मैं आज इस मुकाम पर हूं तो सिर्फ मेरी मां की बदौलत हूं
अगर मेरी मां मुझे अपने गर्भ में ठीक से नहीं रखती तो शायद मैं दुनिया नहीं देख पाती और जब मैं दुनिया पर आई तो दुनिया की बहुत सारी कठिनाइयों ने मुझे तोड़ने की कोशिश की लेकिन मेरी मां ने मुझे हर पग पर सही मार्ग दर्शन दिया मां बहुत बड़ी हस्ती है जो खुद गीले में सो कर हमें सूखे में सुलाती है जो खुद कुछ ना खाकर हमें भरपेट खिलाती है जो खुद अशिक्षित हो कर हमें शिक्षा दिलाती है जो खुद परेशान होकर हमें खुशी का एहसास दिलाती है वह कोई और नहीं एक मां है
मां बहुत अनमोल है मां की इज्जत करना हम सबका फर्ज है हम कितना भी कुछ कर ले लेकिन मां का कर्ज कभी अदा नहीं कर सकते हर रिश्ते में कोई ना कोई लालच छुपा होता है लेकिन मां एक ऐसा रिश्ता है जिसमें कोई लालच नहीं होता मां की मोहब्बत अपने बच्चे के प्रति बेलौस होती है मां बहुत बड़ी है दुनिया पर हर रिश्ता मिल जाता है मगर जब एक बार मां चली जाती है तो फिर कभी नहीं मिलती

तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ए फलक ,,
मुझको मेरी मां की मैली ओढ़नी अच्छी लगी ,,

आज अपने आप को देखा था मां की आंखों में ,,
यह आईना हमें कभी बुरा नहीं बताता है,,

मेरे प्यारे दोस्तों जो गलतियां हुई उनको भूल कर अपने मां-बाप से राजी हो जाओ और अगर उनको वृद्धा आश्रम छोड़ आए हो तो इस मदर्स डे पर उनको घर ले आओ क्योंकि हर मां बाप अपने बच्चे पर बहुत गर्व करते हैं और उनके प्रति बहुत सारे सपने देखने लगते हैं वही बच्चा उनको वृद्धा आश्रम छोड़ आता है तो वह जीते जी मर जाते हैं फिर भी वह उस वृद्ध आश्रम में रहने लगते हैं सिर्फ इस आस में कि कब उनका बेटा उनको लेने आ जाए और कई इसी आस में स्वर्गवास हो जाते हैं इससे पहले कि देर हो जाए हमें अपनी भारतीय संस्कृति को वापस लाना होगा एक बार फिर से हमें अपने भारत को विश्वगुरु बनाना होगा क्योंकि हमारा भारत विश्व गुरु था विश्व गुरु है विश्व गुरु रहेगा बस जरूरत है हम युवाओं को जागृत होने की

हम मिलकर पुकारे तो पलट आएगा माझी ,,
आओ मेरी आवाज से आवाज मिला दो ,,

इसलिए चल ना सका कोई भी खंजर मुझ पर ,,
मेरी हर रग पर मेरी मां की दुआ रखी थी,,

चलती फिरती हुई आंखों से अज़ां देखी है ,,
मैंने जन्नत तो नहीं देखी है मां देखी है,,

मां के कदमों के नीचे जन्नत है इस जन्नत को पाने के लिए हम ना जाने क्या-क्या करते हैं और जिसके कदमों में जन्नत है उसको बेघर कर देते हैं गुजारिश है आप सभी से कि अपनी पहली गुरु को कभी नाराज ना होने दें अपनी मां से कभी न रुठे अपनी मां को वैसे ही प्यार करे जैसे मां आपसे करती है मैं इस दुनिया की हर एक मां की दिल से कद्र करती हूं खासकर भारत की हर मां की दिल से इज्जत करती हूं भारतीय मां ने भारत को अच्छे ही नहीं बहुत अच्छे बच्चे दिए जो अच्छे टीचर अच्छे डॉक्टर अच्छे इंजीनियर अच्छे साइंटिस्ट अच्छे सर्विसमैन और अच्छे बिजनेसमैन भारत को दिए हैं और बहुत ही अच्छी बेटियां भी दी है जो आए दिन विदेशों से स्वर्ण पदक लाती रहती हैं यह सब भारत की मांओं की अच्छी तरबियत का बेहतरीन मुनाजरा है इसलिए मैं भारत की हर एक नारी को दिल से सलाम करती हूं वंदे मातरम

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