रुड़की : ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को नहीं जचा भौरी गांव में बिजली घर के लिए प्रस्तावित भूखंड: भाजपा का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिला उन्होंने दिया आश्वासन विचार के लिए जिलाधिक�

2017-09-02 19:42:02.0

रुड़की : ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को नहीं जचा भौरी गांव में बिजली घर के लिए प्रस्तावित भूखंड: भाजपा का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिला उन्होंने दिया आश्वासन विचार के लिए जिलाधिक�

इस क्षेत्र में नहीं है कोई बिजली घर ,ओवरलोड की हमेशा रहती है बड़ी समस्या ,धनोरी बिजली घर से होती है खादर क्षेत्र को बिजली आपूर्ति
रुड़की : ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की मयूर दीक्षित को भौरी गांव में बिजली घर के लिए प्रस्तावित ग्राम पंचायत का भूखंड जंचा नहीं है । भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर प्रस्तावित भूखंड
को बिजली घर के लिए स्वीकृति प्रदान करने की मांग रखी । लेकिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने भूखंड को बिजली घर के लिए स्वीकृत करने के बजाय यह भरोसा दिया कि वह लिए इस पत्रावली को विचार के लिए जिलाधिकारी के यहां भेज देंगे । दरअसल संबंधित भूखंड पर बिजली घर बने । इसको लेकर भौरी गांव के लोग दो राय हैं
। पूर्व प्रधान पक्ष इस भूखंड पर पट्टे आवंटित करना चाहता है जबकि दूसरा पक्ष इस भूखंड पर बिजली घर बनवाना चाहता है। बता दें कि गांव के समीप स्थित यह भूखंड चकबंदी प्रक्रिया के दौरान विभिन्न जगह पर सुरक्षित नालियों को की भूमि को समायोजित कर कायम किया गया है। इस भूखंड से सटी हीरो होंडा कंपनी
की कॉलोनी है ।इसीलिए कुछ लोगों ने अधिकारियों को यह बता दिया कि यहां पर बिजली घर हीरो होंडा कंपनी के लिए ही बनवाने की कोशिश हो रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र में बिजली घर नहीं है । फिलहाल पूरे क्षेत्र में धनौरी बिजलीघर से आपूर्ति हो रही है । लंबी लाइन होने के कारण धनोरी बिजली घर से
सही ढंग से आपूर्ति नहीं हो पा रही है । हमेशा ओवरलोड की समस्या बनी रहती है । बार-बार तार टूटते हैं और ओवरलोड के कारण फाल्ट होते रहते हैं। अन्य किसी गांव में बिजली घर के लिए भूमि नहीं मिली है । जिस कारण भौरी गांव में संबंधित भूखंड पर बिजली घर के लिए प्रस्तावित की गई। लेकिन जॉइंट मजिस्ट्रेट के रुख
के कारण। जिस कारण बिजली घर के निर्माण की योजना लंबित पड़ती नजर आ रही है। उपभोक्ताओं के साथ ही ऊर्जा निगम के अधिकारियों का भी मानना है कि जब तक खादर क्षेत्र में नया बिजली घर नहीं बनेगा तब तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकेगी। और नोट की समस्या नया बिजली घर बनने के बाद ही
समाप्त हो सकेगी। अब यहां तो जिलाधिकारी के यहां से पत्रावली को जल्द स्वीकृति मिले या फिर किसी अन्य भूखंड की तलाश की जाए तब जाकर इस क्षेत्र में बिजली घर बन सकेगा। जानकारी दे दे की इस भूखंड को बिजली घर के लिए आरक्षित किए जाने की पैरवी करने पर ही हल्का लेखपाल ऋषिपाल सिंह का क्षेत्र से अन्य
क्षेत्र के लिए स्थानांतरण हुआ है। क्योंकि पूर्ण प्रधान पक्ष में हल्का लेखपाल को इस भूखंड से जोड़ते हुए शिकायत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को की थी। जिस कारण ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने हल्का लेखपाल का स्थानांतरण किया। यह मामला इतना तूल पकड़ा कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक तक भी पहुंचा। एक पक्ष में सांसद डॉ रमेश
पोखरियाल निशंक के यहां भी अपनी बात रखी । जबकि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मयंक गुप्ता भी इस मामले को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिले। वहीं ग्रामीणों ने डेली न्यूज से कहा है कि बिजली घर बनना जरूरी है चाहे आस-पास के किसी भी गांव में बने इस और अधिकारियों को गंभीरता अब रखनी चाहिए_
02/09/17, 4:22 pm - Anjum Kadri News: *सिस्टम पर सवाल अस्पताल में ताला ई-रिक्शा में हुई डिलीवरी*
*डॉक्टर राजेश सैनी, भगवानपुर*
सरकारी अस्पतालों का हाल किसी से छिपा नहीं है। कहीं डॉक्टर है तो सुविधाएं नहीं हैं और कहीं सुविधाएं हैं तो डॉक्टर नहीं। ताजा मामला भगवानपुर के
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है यहां सरकारी अस्पताल में ताला लटका होने पर ई-रिक्शा में ही महिला की डिलीवरी करानी पड़ी। करीब एक घंटे बाद जब अस्पताल में डॉक्टर आए तो अस्पताल का ताला खोला गया। मोहितपुर गांव निवासी पोपीन की पत्नी मीनाक्षी को गुरुवार शाम को प्रसव पीड़ा हुई। इस पर परिजनों
ने गांव की ही आशा को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद आशा और परिजन महिला को ई रिक्शा में लेकर कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ था। महिला का प्रसव पीड़ा से इतना बुरा हाल था कि उसे किसी दूसरी जगह ले जाना संभव नहीं था। परिजन
अस्पताल के आवासीय भवन में डॉक्टर को तलाशने लगे। इसी बीच महिला की हालत बिगड़ती गई। इस पर आशा और परिवार की अन्य महिलाओं ने ई रिक्शा में ही उसकी डिलीवरी करा दी। परिजनों के तलाशने के करीब एक घंटे बाद डॉक्टर पहुंचे और ताला खोला। इसके बाद महिला को अस्पताल के अंदर ले जाया गया
और उसे उपचार दिया गया। अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही को लेकर परिजनों में रोष है। परिजनों का कहना है कि इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। वहीं इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर विक्रांत सिरोही का कहना है कि हर समय अस्पताल में एक डॉक्टर की तैनाती होती
है। यदि इस तरह का मामला है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद इस मामले में यदि डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट
अंजुम कादरी

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