देश गुलामी की बेड़ियों मे फिर पैदा हुऐ पत्रकार स्वंत्रता संग्राम सेनानी

2016-09-01 20:53:25.0

देश गुलामी की बेड़ियों मे फिर पैदा हुऐ पत्रकार स्वंत्रता  संग्राम सेनानी

अगर हम इतिहास के पन्ने पलट कर देखे तो देश कल भी गुलाम था ।और आज भी गुलाम है।कल हम गोरो के गुलामी करते आज हम चंद नेताओ की, शासन ,प्रसाशन ।कल भी उठे हुए अन्याय के खिलाफ आवाज को दबाया गया और आज भी। जब आज कोई पत्रकार किसी अन्नाय के खिलाफ अपनी कलम या आवाज़ उठता है तो उसे मर दिया जाता है या उस पर झूठे आरोप लगा के जेल बिजवा दिया जाता है। ऎसे में कुछ युवा क्रांतकारी पत्रकरो ने जिम्मा लिया पत्रकरो की सुरक्षा करने का और आज अपनी मांगो को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन सौ पा ।

  Similar Posts

Share it
Top