चिनहट के बाघामऊ की घटना,पे खास रिपोर्ट

2016-07-13 13:52:41.0

चिनहट के बाघामऊ की घटना,पे खास रिपोर्ट

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के तत्काल कार्यवाही करने के नजरिये से जहाँ एक तरफ जनता प्रसन्न है वही दूसरी तरफ घोर निराशा भी व्याप्त है । प्रदेश की जनता का कहना है की इस समय मुख्यमंत्री जनता के प्रति किसी भी मामले के संज्ञान में आते ही वह तत्काल कार्यवाही करते है क्यों न उनकी पार्टी का ही आदमी हो 8 जुलाई को लखनऊ के जिला पंचायत सदस्य को जमीनी विवाद को लेकर मामला प्रदेश की बुद्धिजीवी मिडिया के द्वारा उठाया गया जिसको लेकर मुख्यमंत्री जी ने तत्काल विजयबहादुर को पार्टी से निलंबित कर दिया जिसके बाद विजय बहादुर ने सरकार और कानून का सम्मान करते हुए अपनी गिरफ्तारी भी करा दी बताते चले की यहाँ पर केवल प्रदेश की बुद्धिजीवी मिडिया के एक तरफा कवरेज को देखते हुय पार्टी से निष्कासित कर दिया जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है अगर जमीनी स्तर से रिपोटिंग की जाये तो सच्चाई कुछ और ही है जिसमे विजय बहादुर को निर्दोष पाया जायेगा उन्हें सपा के ही कुछ कार्यकर्ताओ और उत्तर प्रदेश की बुद्धिजीवी मिडिया के गलत दिखावे का शिकार होना पड़ा क्योंकि आज की मिडिया वो नही रही जो कभी थी क्योकि आज जो हम देखना चाहते है वो नही बल्कि हमें बुद्धिजीवी मिडिया हमें जो दिखाना चाहती है वही हम देखते है । मैं मानता हूँ की चुनाव के समय सरकार एक्शन में है लेकिन सरकार को यह मालूम होना चाहिए की कौन जमीनी स्तर का नेता है कौन दिखावे का। जब हमारी टीम ने ग्रामीणों से वार्ता की तो पता चला की जिस जमीन के विवाद में विजय बहादुर यादव सजा काट रहे हैं वो जमीन सालीमार समूह ने ग्रामीणों के लिए पार्क,शादी घर,बच्चों के खेलने के लिए छोड़ी थी। ग्रामीणों के कहने पर विजय बहादुर वहाँ गए थे जहाँ पुरानी दीवार कम्पनी के द्वारा पहले से निर्मित थी व कुछ निर्माण होना शेष था । जब हमारी टीम ने विजय बहादुर के परिवार जनो से वार्ता की तो ज्ञात हुआ वहाँ कोई मिडिया कर्मी गया ही नहीं , दो पक्छो में जो मारपीट हुई उसमें जिन लोगों के चोटें आयीं ।मिडिया में दर्शाया गया वे हमारी पक्छ के लोग थे cm साहब से अनुरोध है, इसकी जाँच कराई जाय । खबर ग्रामीणों की विचारधारा पे आधारित। रिपोर्ट-नागेश्वर तिवारी

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