जल व पर्यावरण का महत्व

2016-06-05 01:08:07.0

जल व पर्यावरण का महत्व

जरा गौर कीजिये- आज 5 जून,विश्व पर्यावरण दिवस है। आज पर्यावरण के नाम पर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित होगे। लाखों करोडो रुपये पर्यावरण के नाम पर खर्च होगें। पर्यावरण दो शब्दों परि और आवरण से मिलकर बना हुआ है, जिसका अर्थ है चारो ओर से आच्छादित अर्थात हमारे चारो ओर का वातावरण ही पर्यावरण कहा जाता है। जल, जंगल और जमीन हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले मुख्य घटक हैं। इनका संरक्षण नितांत आवश्यक है, बिना इनके संरक्षण के इस धरा पर जीवन सम्भव नही है, फिर भी इन प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का विकास के नाम पर अंधाधुंध दोहन करते रहे हैं। परिणामस्वरूप आज हमें वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, मृदा प्रदूषण आदि-आदि तरह के प्रदूषण से जूझना पड़ रहा है। अनेकानेक बीमारियो का शिकार हो रहें है फिर भी हम पर्यावरण के प्रति सचेत नहीं हो रहें हैं। ध्यान रहे कि यदि हम समय रहते पर्यावरण के प्रति जागरूक नही होते हैं तो आने वाला समय कितना भयानक होगा इसका अंदाजा हम खुद लगा सकते हैं जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी मानव समाज पर होगी। इसलिए आपसे आग्रह है कि पर्यावरण में संतुलन बनाये रखने हेतु बृक्षारोपण करें और हरे भरे बृक्षों की कटान न होने दें।।

  Similar Posts

Share it
Top