सिविल कोर्ट में परेशानी तथा लोक निर्माण विभाग में हो रहे घोटाले पर रिदायुर हरमैन जी से खास वार्ता।

2018-01-30 19:45:59.0

सिविल कोर्ट में परेशानी तथा लोक निर्माण विभाग में हो रहे घोटाले पर रिदायुर हरमैन जी से खास वार्ता।

वुमेन टाइम्स न्युज -सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने आज परिवर्तन चौक प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की रिदायुर हरमैन( सामाजिक कार्यकर्ता )सय्यद जावेद इकबाल अधिवक्ता आशीष मिश्रा एवं अन्य एडवोकेट भी मौजूद रहे प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रिदायुर हरमैन जी (सामाजिक कार्यकर्ता) ने बताया कि सिविल कोर्ट में हर दिन घटनाएं हो रही है लिफ्ट खराब होकर गिर जाती जिसमें अधिवक्ताओं की जान को खतरा है और ना कोई मौके पर पुलिसकर्मी ना कोई एंबुलेंस है रिदायुर हरमैन (सामाजिक कार्यकर्ता ) ने वार्ता करने पर बताया कि अगर कोई परेशानी पड़ती है इसका जिम्मेदार कौन होगा हमारे अधिवक्ता सय्यद जावेद इकबाल जी ने ने यह भी बताया की लोक निर्माण विभाग के अ० अनुरक्षण खंड -3 (सिविल)में फर्जी टेंडरों आधार पर करोड़ों की घोटालेबाजी होती है और यह भी कहा कि इस मामले में मैंनें प्रार्थना पत्र माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माननीय योगी आदित्यनाथ CM उत्तर प्रदेश प्रमुख सचिव को भी प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही या जांच नहीं हुई सय्यद जावेद इकबाल अधिवक्ता ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अ ०अनुरक्षण खंड -3 फर्जी टेंडरों के आधार पर करोड़ों रुपए के घोटाले बाजी होती है जिसके जीर्णोद्वार करोड़ों की हेरा फेरी करने के इन्होंने समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर 20 /12 /2014 को समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें दी थी और थाना हजरतगंज में FIR भी की थी लेकिन कोई कार्यवाही ना हुई और इनको अपराधी जान से मारने की धमकी भी दे रहा है और जान से मारने की नियति से उनका एक्सीडेंट भी कराया गया PWD लोक निर्माण विभाग में संजय तिवारी अधीशाषी अभियन्ता ने करोड़ों की घोटाला बाजी किए हुए है उनके खिलाफ FIR देने पर यह सय्यद जावेद इकबाल जी को जान से मारने की धमकी भी दे चुके हैं लेकिन इन पर जांच नहीं हो रही हैं अधिवक्ताओं ने कहा क्या सामाजिक कार्य करना, जनता से जुड़े मुद्दे एवं हो रहे भ्रष्टाचार, और घोटालों भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध आवाज उठाना, जन सूचना के अंतर्गत जनहित के मुद्दों पर सूचना मांगना कानूनी अपराध है? माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश के आई० जी०आर०एस०पोर्टल पर आमजन द्वारा प्रेषित शिकायती पत्रों का संपूर्ण समाधान हो रहा है ?अब सवाल यह भी उठता है क्या दोषी अधिकारी स्वयं अपनी जांच कर उच्चाधिकारियों को जांच आख्या प्रेषित कर सकता है? दोषी अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच क्यों नहीं कराई जा रही है? अब सवाल यह भी उठता है अगर अधिवक्ताओं की नहीं सुनी जा रही तो आम जनता का क्या हाल होगा तथा अधिवक्ताओं और आम जनता को न्याय कब मिलेगा ? अब सरकार को चाहिए कि अधिवक्ताओं को एवं जनता को न्याय मिले और अपराधी अधिकारियों पर जांच कराई जाए तथा अधिवक्ताओं एवं आम जनता को न्याय मिल सके । खास-खबर >कृष्ण कुमार शुक्ला वूमेन टाइम्स न्यूज़ संवाददाता लखनऊवुमेन टाइम्स न्युज सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने आज परिवर्तन चौक प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की रिदायुर हरमैन, सय्यद जावेद, इकबाल आशीष मिश्रा एवं अन्य अधिवक्ता भी मौजूद रहे प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि सिविल कोर्ट में हर दिन घटनाएं हो रही है लिफ्ट खराब होकर गिर जाती जिसमें अधिवक्ताओं की जान को खतरा है और ना कोई मौके पर पुलिसकर्मी ना कोई एंबुलेंस है अधिवक्ताओं ने बताया कि अगर कोई परेशानी पड़ती है इसका जिम्मेदार कौन होगा अधिवक्ताओं ने यह भी बताया की सिविल कोर्ट में फर्जी टेंडरों आधार पर करोड़ों की घोटालेबाजों होती है अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि इस मामले में मैंनें प्रार्थना पत्र माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माननीय योगी आदित्यनाथ CM उत्तर प्रदेश प्रमुख सचिव को भी प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही या जांच नहीं हुई सय्यद जावेद इकबाल बताया कि सिविल कोर्ट में फर्जी टेंडरों के आधार पर करोड़ों रुपए के घोटाले बाजी होती है जिसके जीर्णोद्वार करोड़ों की हेरा फेरी करने के इन्होंने समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर 20 /12 /2014 को समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें दी थी और थाना हजरतगंज में FIR भी की थी लेकिन कोई कार्यवाही ना हुई और इनको अपराधी जान से मारने की धमकी भी दे रहा है और जान से मारने की नियति से उनका एक्सीडेंट भी कराया गया PWD लोक निर्माण विभाग में संजय तिवारी अधीशाषी अभियन्ता ने करोड़ों की घोटाला बाजी किए हुए है उनके खिलाफ FIR देने पर यह सय्यद जावेद इकबाल जी को जान से मारने की धमकी भी दे चुके हैं लेकिन इन पर जांच नहीं हो रही हैं अधिवक्ताओं ने कहा क्या सामाजिक कार्य करना, जनता से जुड़े मुद्दे एवं हो रहे भ्रष्टाचार, और घोटालों भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध आवाज उठाना, जन सूचना के अंतर्गत जनहित के मुद्दों पर सूचना मांगना कानूनी अपराध है? माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश के आई० जी०आर०एस०पोर्टल पर आमजन द्वारा प्रेषित शिकायती पत्रों का संपूर्ण समाधान हो रहा है ?अब सवाल यह भी उठता है क्या दोषी अधिकारी स्वयं अपनी जांच कर उच्चाधिकारियों को जांच आख्या प्रेषित कर सकता है? दोषी अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच क्यों नहीं कराई जा रही है? अब सवाल यह भी उठता है एडवोकेट की नहीं सुनी जा रही तो आम जनता का क्या हाल होगा तथा अधिवक्ताओं और आम जनता को न्याय कब मिलेगा ? अब सरकार को चाहिए एडवोकेट एवं जनता को न्याय मिले और अपराधी अधिकारियों पर जांच कराई जाए तथा अधिवक्ताओं एवं आम जनता को न्याय मिल सके । खास-खबर >कृष्ण कुमार शुक्ला वूमेन टाइम्स न्यूज़ संवाददाता लखनऊ

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