शौचालयों के कमीशन से पेट नही भरा तो स्वच्छता ग्राहियों के मानदेय पर भी मांग रहे कमीशन कैसे होगा जिला शौच मुक्त

2018-01-11 08:43:39.0

शौचालयों के कमीशन से पेट नही भरा तो स्वच्छता ग्राहियों के मानदेय पर भी मांग रहे कमीशन
कैसे होगा जिला शौच मुक्त

शौचालयों के कमीशन से पेट नही भरा तो स्वच्छता ग्राहियों के मानदेय पर भी मांग रहे कमीशन
कैसे होगा जिला शौच मुक्त

शाहजहांपुर /जलालाबाद ब्यरो-:
जलालाबाद।केंद्र व प्रदेश सरकार वर्ष 2019 तक जिले को खुले से शौचमुक्त करना चाहती हैं लेकिन स्वच्छता अभियान में लगे स्वच्छता ग्राही अब भूखे पेट काम करने को तैयार नहीं हैं क्योकि उनको मानदेय नहीं मिला पा है।
ब्लाक के अधिकारी अब इनसे भी कमीशन मांग रहे है।कमीशन न मिलने पर इनके उपस्थित रजिस्टर पर अधिकारी साइन नही



कर रहे है जिसके कारण वह लोग काम करने को तैयार ही नही है।
ब्लाक में 5 स्वच्छता ग्राहियों की टीम काम कर रही है।हर टीम में पांच स्वच्छता ग्राही काम कर रहे है इनको सरकार की तरफ से 250 रूपया प्रतिदिन के हिसाब से पेमेंट किया जाता है।यह टीम सुबह चार वजे गॉव गॉव जाकर ग्राम वासियों को खुले में शौच न करने की अपील करते है और नारे लगाकर ग्रामीणों को स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूक करते है।मानदेय न मिलने से गांव-गांव दौड़ने वाली टीम की रफ्तार थंमने लगी है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्वच्छता ग्राहियों
ने बताया कि वह लोग सुवह चार वजे से लेकर रात आठ वजे तक गॉव गॉव जाकर अभियान को सफल बनाने की कोशिश कर थे है जिसके लिए सरकार तो खूब बजट दे रही है लेकिन विभाग की ओर से बजट को खर्च करने की कंजूसी हो रही है ।उन लोगों को मानदेय पर भी ब्लाक के अधिकारी कमीशन मांग रहे है कमीशन न मिलने पर इनकी उपस्थिति पंजिका पर अधिकारी साइन नही कर रहे है।जबकि प्रत्येक माह मानदेय भुगतान का नियम है।
यहां पर बता दें कि ब्लाक में 1700 से ज्यादा शौचालय आवंटित किए गए है इनके निर्माण में घटिया सामिग्री का प्रयोग किया जा रहा है जांच करने जाने बाले अधिकारी खर्चा पानी लेकर वापस चले आते है ।

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