प्रधान की मनमानी का शिकार हो रहे गरीब । कैसे पूरा हो गरीबो के अपने आशियाने का सपना।

2018-01-07 10:51:13.0

प्रधान की मनमानी  का शिकार  हो रहे गरीब । कैसे पूरा हो गरीबो के अपने आशियाने का सपना।

हरदोई वुमेन टाइम्स- प्रदेश की सत्ता में काबिज भाजपा नेतृत्व वाली सरकारें भले ही हर गरीब को उसके अपने आशियाने के सपने को पूरा करने के लिये भले ही न सिर्फ प्रयासरत रही हो । बल्कि इसके लिये बेहिसाब रुपया भी खर्च करती हो । किन्तु इसकी जिम्मेदारी जिन ग्राम प्रतिनिधियों (प्रधानों) एवम सरकारी मुलाजिम पंचायत सेक्रेटरी को दी गयी ही है । उनकी दबंगई इस कदर हॉबी है । कि ये दोनों महाशय अपनी तिजोरी भरने के चक्कर में न सिर्फ आवासों के लिये चयनित पात्रों के नाम सूची से हटाते हुए पैसा लेकर उन अपात्र धनाढ्य लोगों को पात्रता सूची में शामिल कर रहे हैं । जिनके एक नहीँ बल्कि चार चार आलिशान आशियाने हैं । जिनमें ऐसो आराम की सारी मूल भूत सुविधाएं उपलब्ध हैं । ऐसे में भला मोदी सरकार द्वारा हर गरीब को अपना आशियाना देने का सपना कैसे पूरा हो पाएगा । जिनके मकान कच्चे हैं । अथवा झुग्गी झोपड़ियो के सहारे जीवन ब्यतीत करते हैं । परंतु विडम्बना तो ये है कि ये जिम्मेदारी जिस पंचायत प्रतिनिधि (ग्राम प्रधान ) को दी गयी है । वो अपनी तिजोरी भरने के लिये खुले आम न सिर्फ गरीबों के हक में डाका डाल रहा है । बल्कि ग्राम पंचायत अधिकारी औऱ विकास खण्ड अधिकारी की मिली भगत से पात्रता सूची में सामिल पात्र गरीब आवास विहीनों की जगह लम्बी रकम लेकर उन अपात्र धनाढ्य ब्यक्तियों को आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है । जिनके पास पहले ही एक नहीँ बल्कि चार चार आलिशान आशियाने हैं । जिनमें ऐसो आराम की हर सुविधा उपलब्ध है । जिसकी से गरीब असहाय जहाँ आज भी कच्चे मकानों झुग्गी झोपड़ियों में रहने को मजबूर है । वहीँ प्रधान जी की दबंगई और मनमानी के चलते गरीब तबके के ग्राम वाशियों द्वारा अपना आशियाना बनाने का सपना कभी साकार होता नहीँ दिख रहा । वहीँ मोदी देश के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी के उस चुनावी एजेण्डे में शामिल वादों को सरे आम बेहिचक और बेख़ौफ़ होकर पलीता लगाया जा रहा है । जिसमें वर्तमान प्रधान मन्त्री द्वारा हर गरीब को पक्का आशियाना देने की बात की गयी थी । इस बारे में जब बात की गयी तव प्रधान द्वारा कराए गये विकाश कार्यो की पोल खोलते हुए ग्रामीणो शे बताया कि जितने भी विकाश कार्य कराये गये हैं । उन सबमें बन्दर बाँट करते हुए जमकर घपले बाजी की गयी । जब उनसे आवासों के आवंटन की जानकारी ली गयी तो उपरोक्त ग्राम वाशियों ने बताया कि आवास उन लोगों को दिये जा रहे हैं । जो ग्राम प्रधान की तिजोरी भरने में सक्षम हैं । और जिनके एक नहीँ बल्कि चार चार पक्के मकान पहले से ही बने हैं । न की उन पात्र लोगों को जिनके मकान न सिर्फ कच्चे हैं । बल्कि उन लोगों को शासन द्वारा भी चयनित कर प्रधान मन्त्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल किया गया है ।

ग्राम सभा चकराछा मे प्रधान की दबंगई का शिलशिला यहीं खत्म नहीँ होता । बल्कि लोगों ने दबी जुबां अपने दर्द की दास्तां सुनाते हुए संवाददाता को बताया कि जब किसी ग्रामीण द्वारा ग्राम प्रधान से शासन द्वारा बनाई गई पात्रता सूची दिखाने के लिये कहा जाता है । तो उसे सूची तो नहीँ दिखाई जाती । बल्कि प्रधान जी की अभद्रता का शिकार जरूर होना पड़ता है । वहीँ मामले के बावत जिलाधिकारी महोदय पुलकित खरे ने कहा कि ऐसा कोई भी मामला मेरे संज्ञान में नहीँ है । फिर भी मामले की जाँच करायी जायेगी । और यदि प्रधान की मनमानी और उस पर लगे आरोप सही पाये गये तो दोषी ग्राम प्रधान और उसके इस घ्रणित कार्य मे उसका साथ देने वाले सरकारी मुलाजिमों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी । किसी को भी न तो ग़रीबों के हक में डांका डालने दिया जाएगा । और ना ही शासन की योजनाओं में पानी फेरने की इजाजत । भले ही कोई कितना भी रसूख वाला क्यों न हो ।
ख़ास रिपोर्ट-राघवेंद्र मिश्रा

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